१०४. मिलता है सुकून सिर्फ तेरी यादों में... * (A day in your dream world)
मिलता है सुकून सिर्फ तेरी यादों में...
✍🏻 बिपिन कुमार चौधरी
कुछ अपनों की तलाश में,
खोए हुए सपनों की तलाश में,
अतीत के सुनहरे इतिहास में,
दिल को छूने वाली जज्बात में,
बैचेन यह दिल ना जाने किस प्यास में,
मिलता है सुकून सिर्फ तेरी यादों में...
भविष्य के अनसुलझे सवालों में,
जीवन के वीभत्स ख्यालों में,
धोखा पाए रिश्तों के जालों में,
पागल मेरा मन असहज़ हालातों में,
खोजता वह सुकून जो तेरी मीठी बातों में,
मिलता है सुकून सिर्फ तेरी यादों में...
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