राह ए वफ़ा

राह ए वफ़ा

उसकी आंखे थी नम,
छिपा रही थी गम,
इसी अदा का मैं मुरीद,
मेरी जिंदगी मेरा नज़्म,

हमारे इश्क़ की चढ़ान,
हो रहे थे दोनों बदनाम,
रुसवाई से जिंदगी तल्ख,
छिपा रही थी उसकी मुस्कान,

लाख कोशिश की मैंने,
छिपा न सका तूफान,
उसकी शरारती आंखे,
मेरी कई  जिंदगी कुर्बान,

साथ निभाना था मुश्किल,
जान देना था आसान,
एक दूजे की खुशियों की खातिर,
सदा के लिए दोनों बन गए अनजान...

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