रहस्य ...

रहस्य ...
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एहसास,
सांसों से जुड़ी सांस,
कातर निगाहें,
उन निगाहों की प्यास,
बयां सबकुछ करती है,
जुबां फिर भी डरती है,
नुक़्स बहुत बड़ा है,
दो प्रेमियों के सामने,
सवाल कई कठिन खड़ा है,
आंखे दो चार होती है,
फिज़ा में बहार होती है,
सिलसिला टूट जाता है,
किस्मत रूठ जाता है,
कोई सोता नहीं, नहीं जागता है,
कोई खामोश हो जाती है,
दर्द का कोई पता नहीं, 
सुना है,
आजकल बहुत मुस्कुराती है...

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